GPDP बनाने से समाज के हर हिस्से को फायदा होता है। चलिए देखते हैं कि इससे किसे क्या लाभ मिलता है।
सबसे पहले, चुने हुए प्रतिनिधियों को 15वें वित्त आयोग का Tied और Untied अनुदान मिलता है, जो बिना GPDP के नहीं मिल सकता। MGNREGS, जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी सभी बड़ी योजनाओं का पैसा GPDP से ही जुड़ा है। eGramSwaraj पर रियल-टाइम रिकॉर्ड होने से ऑडिट में भी कोई परेशानी नहीं होती।
समुदाय को भी सीधा फायदा है। बाल सभा और महिला सभा के ज़रिए बच्चों और महिलाओं की आवाज़ योजना में शामिल होती है। SC/ST, दिव्यांग और प्रवासी मज़दूरों जैसी विशेष ज़रूरतों वाले समूहों की माँगें दर्ज होती हैं और लाभार्थी सूची सार्वजनिक होने से पारदर्शिता बढ़ती है।
और विभागों के लिए भी यह फायदेमंद है। कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसे सभी विभागों की जानकारी एक ही जगह GPDP में मिल जाती है, जिससे ब्लॉक और ज़िला स्तर पर प्रगति की निगरानी करना आसान हो जाता है।